Raw Thoghts for Poetry

Just started this page to write down raw thoughts to compile Poetry in a later stageAmrik Birhada

 चल दोसत  शुरू करेँ  नई  रीत  कोई 
 कायम  कर दें मधुर  सी प्रीत  कोई
     सुबह  उठते  ही  उनकी  याद  हो  
     बाकी के सारे काम उसके बाद  हों    
     हिम्मंत  दोनों  को  मिलेगी  इस  रिश्ते  से  
     सथापित कर दिए हैं  मन मंदिर  में  मीत कोई 
 मिलना नसीब हो  जा  पड़े  दूर रहना 
 ख़यालों में हम साथ साथ है यही कहना 
 जब  भी  सुनें आतमा को आराम  मिले  
 चुन कर और रट लो  ऐसा  गीत  कोई  
      मुशकिलों  से  डरना  मत दोसत 
      खुद पर  सदा विशवास  रखना
      लगाते  रहना  सुरों  को  तरतीब में 
      बन ही जाएगा  एक  दिन संगीत कोई 
उम्र कुछ इस तरह से गुज़र रही है 
तेरी आवाज़ , तेरे दीदार को तरसे  हैं
हम वोह बादल  हैं, जो यादों में  ही बरसे हैं  
मिलने का वादा ही तो नहीं कीया उन्होंने 
कितनी वार हम निकले घर से हैं 


ज़िन्दगी कमबख्त जीने कहाँ देती है
ना अम्रित ना ज़हर कुछ पीने कहाँ देती है

 --   Amrik Birhada
एक को खुश करने के लिए 
दूसरे को दुःख देना अच्छी बात थोड़े है। 
ज्ञान को रौशनी में सभी में एक जोत दिखेगी 
भगवान सिर्फ हिन्दू जा सिखों का हो यह रात थोड़े है।   
जो उपदेश खुद के काम ना आए ,दूसरों को दिए जाओ 
फिर तो अभी रात में जीअ रहे हैं प्रभात थोड़े है। 
जिस को पाने से उदासी ख़ुशी ना बन जाए 
वोह पदारथ होगा सौगात थोड़ी है। 
रोक रखे थे सालों से दिन रात के पहिये 
अपनी छाती पर यह कोई आसान बात थोड़े है। 
की 
खुद  को खुश करने के लिए 
दूसरे को दुःख देना अच्छी बात थोड़े है। 
ज्ञान को रौशनी में सभी में एक जोत दिखेगी 
भगवान सिर्फ एक में है यह कोई रात थोड़े है।   
उपलभ्दीओं के लिए दोसतों को ही छोड़ दें  
फिर तो अभी रात में जीअ रहे हैं प्रभात थोड़े है। 
जिस को पाने से उदासी ख़ुशी ना बन जाए 
वोह पदारथ होगा सौगात थोड़ी है। 
रोक रखे थे सालों से दिन रात के पहिये 
अपनी छाती पर यह कोई आसान बात थोड़े है। 
दोसती  कितनी गहरी है आप जानो 
हमारे लिए कोई टाइम पास थोड़े है 
फिर से रुलाना चाहे कमबख्त हमे 
कुछ ना बचा जीने को ज़माने ने 
कितना मज़ा आ रहा था मुस्कुराने में 
जो भी  दीया है बहुत दीया आगे अब क्या लेना देख सकूं उस पार तुमको ऐसे नयन मुझे देना जीना मरना जो भी भगवन तुमरे प्यार से हो 
कुछ तो है पवित्र तेरे मेरे रिश्ते में जो बड़ी गलतिओं  को भी माफ़ करता है।  जब कोई धूल आती है मन के पर्दे पर आंसुओं से फिर उसे साफ़ करता है।  वड़े वड़े जुर्म की देता है हसीन सज़ा देखो यह कैसा इनसाफ  करता है।ख़ुशी हो तो बोले यह रख लो सारी ग़म हो तो यह हाफ हाफ (half ) करता है। हर हालात में साथ चलना चाहे यह फायदे नुकसान को  कब यह ग्राफ (Graph )करता है।  
दोसतो से बातें 
अगर एक पुराने दोसत को उसकी दोसती का मान देता हूँ इसका अर्थ यह तो नहीं नए दोसतों को कर परेशान देतां हूँ जब बात एक रिश्ते की हो निरंतर बात करो बना ही लोगे मन चाहा स्थान यही बयान देता हूँ 
किसी मज़बूरी में मुझे ख़त मत लिखना  - हाँ दिल अगर चाहे तो दिल खोहल कर  लिखनाबाँट होकर हिस्सों में जीया ना जाएगा जो भी लिखना दीवारें तोड़ कर लिखना बातचीत टूटने से टूट जाएँ रिश्ते अगर कोई शिकवा है बोल कर लिखना विचारों से सहमत होना अलग बात है मेरे कया गुनाह पूरा तोल  कर लिखनाग़लती कया हुई यह तो बता दो जनमो का लेखा फरोल के लिखना मेरी कविता तो साफ़ और सरल है तुम्हें कया दुःख है  दिल फ़ोल कर  लिखना दुसरे के हालात तो उसी को पता होते हैं तुम्हारे कया हालात हैं हस बोल कर  लिखना जो भी लिखा है महसूस भी कीया मैने तुम भी पूरा अडोल हो  कर  लिखनाअमरीक तो इतना सीधा इनसान है अनजाने में क्या कर बैठा  ज़रा बोल के लिखना   
दुनिआं की बातों से अपनी सिहत 
खराब मत करना यारो 
यह जो भी कहते हैं 
बे-बजाह कहते हैं 
         सभ को बर्बाद करे जो 
         उसको तो सलाम  करते हैं 
         आबाद करे दूसरों को 
         उसे तबाह कहते हैं 
जिसम की भूख़ मिटाने को 
मिलेंगे सौ इंतज़ाम इस मंडी में 
सच्चे प्यार को हमेशा 
यह गुनाह कहते हैं 
        ज़िंदगी को जीने की इजाजत ही नहीं 
        इस दुनिया में 
        मरने के बाद जो बचता है 
        उसे तो बस सवाह कहते हैं 

    ਦੁਨੀਆਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਸੁਣ 
    ਆਪਣੀ ਸਿਹਤ ਨਾ ਖਰਾਬ ਕਰਨਾ ਯਾਰੋ 
    ਇਹ ਜੋ ਵੀ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
    ਬੇ -ਵਜਾਹ ਹੀ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
           ਸਭ ਨੂੰ ਬਰਬਾਦ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਨੂੰ 
           ਕਰਨ ਝੁਕ ਝੁਕ ਸਲਾਮਾਂ 
           ਜੋ ਦੂਜਿਆਂ ਨੂੰ ਆਬਾਦ ਕਰੇ 
           ਉਸ ਨੂੰ ਇਹ ਤਬਾਹ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
 ਸਰੀਰ ਦੀ ਭੁੱਖ ਮਿਟਾਉਣ ਦੇ  
 ਸੌ ਇੰਤਜ਼ਾਮ ਇਸ ਮੰਡੀ ਵਿੱਚ 
 ਸੱਚੇ  ਪਿਆਰ ਨੂੰ ਹਮੇਸ਼ਾ 
 ਇਹ ਗੁਨਾਹ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
        ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਨੂੰ ਜਿਉਣ ਦੀ ਇਜ਼ਾਜਤ  ਨਹੀਂ 
        ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ 
        ਮਰਨ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਆਹ ਜੋ ਵੀ ਬਚਦਾ 
        ਉਸ ਨੂੰ ਤਾਂ ਯਾਰੋ ਸਵਾਹ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ 
दोसतों से सीधी बात जरूरी है 
करते हो हमेशा इशारे से बात 
बता तो दो क्या मज़बूरी है। 
हमारे  दरवाजे तो बिलकुल  खुले हैं 
आप की तरफ से ही है जो भी दूरी है। 
आप का पता होता तो चले आते 
देखो हमारी क्या मज़बूरी है। 
नखरे भी करते हो पास भी बुलाते हो 
समझ ना पाए कैसी जी हज़ूरी है। 
फोकट में बोलते हो मुझ को राँझा 
मझीया चरवाते हो कहाँ हमारी चूरी है। 
जवाब तो इस वार भी ना देंगे वोह 
फिर इक तसलीम जरूरी है।  
करते नहीं हैं लोग साफ़ बात आजकल 
ना करें जल्दी से किसी को माफ़ आजकल।       
प्यार तो दोनों एक दूजे से करते हैं       
पर करते कहाँ है शब्दों में इज़हार आजकल 
मिलने की जगह रख ली एक ने आकाश दुसरे ने पाताल 
इसी लिए तो विछड़े है यार आजकल        
ख़ुशी हो  सामने  रोक कहाँ पाते है       
रोने के लिए काटें फिर  प्याज आजकल 
हमारी परीक्षा तो कितनी वार ली 
एक गलती हम से हुई तो नाराज़ आजकल     
पीछे किसी के हम ना भागे 
घर कोई आए तो मोडा नही 
कर दें बादा अगर किसी से
आज तक कभी तोडा नहीं
सीधी सीघी बात करें हम
बात को तोड मरोडा नहीं
जिस को रख लीआ दिल में हमने
मर कर भी ऊसे छोडा नहीं
एक दोस्त मेरे दाएं दूसरा बाएं खड़ा था 
एक मैं था जो दोनों के बीच अड़ा था। 
क्यों कर दूँ कुरबान दोसती को 
दोसती में भूगोल कहाँ से आया 
क्यों यह दाएं बाएं का फर्क पड़ा है। 
इसी लिए चलता रहता हूँ अकेला 
यह मेरी ज़िंदगी का सवाल है 
राजनीती का मैदान थोड़ा है। 
अभी लिख रहां हूँ पूरी नहीं हुई 

उन्हें येह जिद के मुझे देख कर किसी को ना देख 
मेरा यह शौक के सभ को सलाम करता चलूँ 
येह मेरे खाबों की दुनिआं नहीं सही लेकिन 
अब आ गया हूँ  तो दो दिन क़याम करता चलूँ  From Ghazal Jagjit Singh Idhar se guzra tha
कौन वस गया है मेरे मन में 
मुझे भीतर से बदलते जा रहा है 
देखो इस ने मेरे घमण्ड की सारी दीवारें तोड़ डाली 
अब सूर्य की रौशनी दिल तक पहुंचने लगी है
बहुत खूबसूरत ग़ज़ल लिख रहा हूँ 
"कविता" को देख कर आज कल लिख रहा हूँ  
Dushant Kumar      
मेरे गीत तुम्हारे पास ,सहारा पाने आएंगे      
मेरे बाद तुम्हे यह , मेरी याद दिलाने आएंगे।  
थोड़ी आंच बनी रहने दो, थोड़ा धुआँ निकलने दो   
कल देखोगी कई मुसफिर ,इसी बहाने आएंगे।      
उन का क्या मालूम ,इस शख्स पर क्या बीती       
वोह तो यहां संख सिपिआं उठाने आएंगे।  
रह रह कर चुभती है , पथ की निरजन दुपहर   
आगे और बड़े तो शायद , दृश्य सुहाने आएंगे।      
मेले में भटके होते, तो कोई घर पहुंचा जाता       
हम घर में भटके है ,कैसे  ठोर ठिकाने आएंगे।
मित्र प्यारे नू हाल मुरीदा दा कहना 
Convey to the beloved friend(Lord) the condition of the disciple
तुध बिन रोग रजाईआं दा ओड़न नाग निवासं दा रहना 
without you, the taking over of quilt is like disease and living with serpents 
सूल सुराही खंजर प्याला बिंग कसाईआं दा सहना 
Without you the flask is like the spike, a cup is like a dagger, separation is like a chopper of the butcher
यारडे दा सानू सथर चंगा  भठ खेड़िआं दा  रहना 
The pallet of the beloved friend is most pleasing, the worldly pleasures are like a furnace
Don’t make me stand in front of enlightened mirror
Please don’t kill this dirty mind criminal in this way.
     Full moon, flower, and vibrating wires of guitar
     so many arms shining in front of my eyes one after another.
So heavy on heart your soft memories
Stones can not pick the weight of flowers anymore.
     Thousands songs will liberate and fly in air
     if a sword of light cut into my heart.
Under the stone sprouting seed is suffering
When spring comes it cracked the stone and grow.
     The weight of dead butterfly is different
     on the earth, on a flower and a poet’s heart.
Rising moon, waves of ocean, vibrating musical instrument and your memories
I automatically join in when these four things comes together.
     lying under the sky they sleep while reading
     the blue starry newspaper prints everyday in the sky.


  -- Dr. Surjit Patar
 चले  आओ  शब्दों  से  भी  पार  अब 
 क्योंकि  शब्द  तो  अब  फ़ोन  भी  बोलते  हैं 
  शब्द  तो फ़ोन  भी  सुनते  हैं 
 फ़ोन  से रासता  पूछो  तो  बोले  
Take left, Take right 
You speak a word it says ten near you
Wi – Fi  दिमाग  की  खोज  है  दिल  की  नहीं 
आओ  दिल  के  रिश्ते  को  कर  दें  Wi – Fi  से  ऊँचा 
 आओ  प्यार  को  कर  दें  पानी सा सूचा 

लिखना ना खत मुझे तुम मज़बूरी में

 लिखना  ना  खत  मुझे  तुम  मज़बूरी  में 
 करे  दे जुदा हमें  दम नहीं दूरी  में 
 
         मेरा  यह  जो  गीत  है 
         आ जाए  पसंद  तुम्हे 
          पांच  laakh view mile 
         rakha kya mashhoori me
door door rehte ho
baat nahi karte ho 
lete ho maza tum meri mazboori se
aapki baaton par gussa kahaan aata hai 
kitna maza hai tumhari ji hzoori mein
सात पकवानों  से भी  मज़ा  नहीं आएगा 
 खाने में जो आता है हीर वाली चूरी  में  
    

 आधी  से जयादा  उम्र  बीत गई 
 प्यार  को प्रभाषित  करने  में 
 वोह  कहते  हैं 
 प्यार  वोह  है  
 जो  सिर्फ  एक  से  ही  किया जाए 
 पर  मेरा  सवाल  है 
 वोह  प्यार  ही  क्या 
 जो  सबसे  प्यार  करना  न सिखाए 
 हाँ  यह  बात  तो  है 
 जो  सभसे  प्यारा  है 
 एक  ही  है , एक  ही  रहेगा 
 बाकी  की ज़िन्दगी 
 जिसको  रोज़  याद  करता  हूँ 
 जो  है  मेरा  हमहाल  देवता 
 जो  दूर  रहकर  भी  जीना  सिखाता  है 
 गिरने  के  बाद  उठना  सिखाता  है, मुस्कुराना  सिखाता  है,
 लिखना  सिखाता  है ,  गाना  सिखाता  है 
 वोह  कौन  है ,  यह  जानना  सभ  को  जरूरी  थोड़े 
 मुझे  पता  है ,  उससे  पता  है
 मैने  उससे  बता  दिए  था  
 दूरी  इसमें  कोई  खलल  ही  नहीं 
 वोह  एक आध्यात्मिक  डोर  से  जुड़ा  हुआ  है 
 हर वक़्त  साथ  है  हवा  की  तरह  खुशबु  की  तरह 
 --   अमरीक बिरहडा  
  
  लोग ज़िन्दगी  में  आते  जाते  रहते  हैं 
  क्योंकि  वोह  लोग  होते  हैं 
  दोसत  तो बस  ज़िंदगी  में  आते  हैं 
  जाने  के  लिए  नहीं, हमेशा  बने  रहते  हैं 
    -  अमरीक बिरहडा 
दोसत Please  मेरी  बात  को  समझने  की  कोशिश  जरूर  करना। 
जब  मेरा  भरोसा  हर इनसान  से  और  भगवान  से  पूरी  तरह  टूट  चूका  था 
उस वकत  मेरे  मन  ने , मेरी आतमा  ने  फैसला लीया  के  किसी  एक इनसान  को 
चुन  कर  उस  के  प्रति  ईमानदार  हो  जा।  उसके  बाद  जो  बातें मैने  किसी Doctor  जा councellor के  साथ  भी  कभी  साँझा  नहीं  की  वोह मैने  पहली  वार  आप  से  की  थी। 
बाद  में  तो मैने  रेडियो  पर  सभ  को  भी  बताई कि  अगर  मेरी  कहानी  से  कुछ  सीखा  जा  सके  तो  क्यों  नहीं।  मुझे  गुस्सा  नहीं  है  पर  आप  अगर  एक  वार  बात  करने  के  बाद  ज़िंदगी  से  चले  जाते  तो  इतनी  वडी  बात  न  होती।  मैने  किसी  एक  रिश्ते  का  बोझ  आप  पर  थोपने  की  कोशिश  नहीं  की।   एक  वार email  जा phone  करके  बात  कर  लेते  तो मैं  भी   कुछ  ज़िंदगी  में   आगे   बढ़ने  की सोचता।   बात  तो विस्वास  की  ही  थी  ना।  अब  मुझे  नहीं  लगता  मुझे  समाज  में  दुवारा  कदम  रखना  चाहिए।  जब  एक इनसान  से  रिश्ते  में  पूरा  का  पूरा Intent  दे कर  भी  बात   नहीं   कर  पाया  तो  मुझमे Social Skills  नहीं  होंगे।  इसी  लिए  तो  अकेला  हुआ  था।  अब  मुझे  इसी  में  खुश  रहना  सीखना  होगा। मैने  रेयांश  के  लिए Piano Keyboard  लाया  था, मैं  चाहता  हूँ   आप   उसे Music  सीखने  के  लिए  बचपन  से  ही  उत्साहित  करें। Force  करने  की  बात  नहीं  कर  रहा  हूँ।  बाकी  जरूरी  नहीं  था  के  इसके  बहाने  मिलने  को  कह  रहा  हूँ।  मेरी  बेटी  जा  पतनी से  मिलकर Pick  जा drop  करवा  सकते  हो।  अनजाने  में  आपके  लिए  शायद  मुसीबत  बन  गया,  चाहता  तो  यह  हूँ  आप  खुश  रहें।   कुछ Concern  कनाडा  के तजुरबों  का  भी  था।  आप  को  शायद अन्दांजा  ना  हो  जहाँ  घर  तोड़कर  नए immigrant  पक्के  करवाने  का  कारोबार  बहुत  चलता  है।  ध्यान रखिएगा।  मुझे  तो  पता  भी  नहीं  आपके पती  साथ  में  है  जा  इंडिया  है।  मैने  तो  हमेशा  सोचा  था  अगर  किसी  प्रकार  से  भी मददग़ार  होता।  मेरे  मन  में  आपका  सतकार (Respect) है  इसी  लिए  रोजाना पतनी  और  बेटी  के  साथ  आपकी  बातें  करता  रहता  हूँ।   वोह  भी  जानते  है  आपने  मुझे Motivate  तो कीया  है  जिसके  चलते  मेने  रेडियो  पे  आकर  बोलना  शुरू कीया।   पहले  तो  किसी  से  बात  नहीं  करता  था। 

Amrik Khabra’s new poem

  ਦੇਖੋ  ਕੈਸਾ  ਜ਼ਮਾਨਾ  ਆਇਆ  ਹੈ 
  ਪਿਆਰ  ਦੀ  ਇੱਕ  ਬੂੰਦ  ਨੂੰ ਤਰਸਾਇਆ  ਹੈ 
  ਪਿਆਰ ਆਤਮਾ  ਦਾ  ਗਹਿਣਾ  ਹੈ
  ਸਰੀਰ  ਸੁੰਦਰ  ਹੈ ਪਰ  ਪਿਆਰ  ਬਿਨ ਮੁਰਝਾਇਆ  ਹੈ   
  ਯੋਗਦਾਨ ਸਰੀਰ  ਦਾ  ਜਰੂਰ  ਹੁੰਦਾ ਪਿਆਰ ਪਰਗਟ  ਕਰਨ ਲਈ 
  ਪਿਆਰ ਬਿਨਾ ਸਰੀਰ  ਵਸਤੂ  ਹੈ  ਜਾ  ਮਾਇਆ  ਹੈ 
     ਪਿਆਰ  ਹੋਵੇ  ਦਿਲ ਵਿੱਚ  ਅਸਲ  ਖਿੱਚ  ਓਹੀ 
     ਅੱਜਕਲ  ਆਕਰਸ਼ਿਤ  ਸਰੀਰਾਂ  ਨੂੰ  ਕਰਦਾ  ਸਰਮਾਇਆ  ਹੈ 
     ਚਾਰ ਪਲ਼  ਬਹਿ  ਕੇ  ਕੋਲ  ਕੁਝ  ਗੱਲਾਂ  ਕਰ  ਲੈਂਦੇ 
     ਇਹ  ਤਾਂ  ਤੇਰੇ  ਪਿਆਰ  ਦਾ  ਤਿਰਹਾਇਆ  ਹੈ 
 ਲਿਖਣਾ  ਬੜਾ  ਜਰੂਰੀ  ਸੀ  ਇਸ  ਗੀਤ  ਨੂੰ 
 ਬਾਜ਼ਾਰ  ਚ  ਹਿੱਟ  ਨਹੀਂ  ਹੋਣਾ ਪਤਾ  ਹੈ  ਪਹਿਲੋਂ  ਹੀ
 ਇਹ  ਕਿਸੇ  ਮਸ਼ਹੂਰ  ਹਸਤੀ  ਨੇ  ਨਹੀਂ 
 ਮੇਰੇ  ਦਿਲ  ਨੇ ਗਾਇਆ  ਹੈ    
      ਚੱਲ  ਪੜ੍ਹ  ਕੇ  ਇਸ  ਨੂੰ  ਮੁਸਕੁਰਾ ਛੱਡੀ 
      ਤੇਰੀ  ਦਿੱਤੀ  ਮੁਸਕੁਰਾਹਟ  ਦਾ  ਅਜੇ ਬਹੁਤ  ਬਕਾਇਆ  ਹੈ  
      ਝੱਲਾ  ਹੈ  ਅਮਰੀਕ  ਜੋ ਛੱਡ ਕਮਾਈ  ਨੂੰ 
       ਐਵੇਂ  ਪੰਨਿਆਂ  ਉੱਤੇ ਬੱਸ ਪੈੱਨ ਘਸਾਇਆ  ਹੈ।  
 
देखो कैसा ज़माना आया है 
प्यार दी इक्क बूँद को तरसाया है 
प्यार आतमा  का गहना होता है 
शरीर सूंदर है पर प्यार बिन मुरझाया है 
योगदान शरीर का अवश्य है प्यार परगट करने में 
परन्तु प्यार बिना शरीर सिर्फ बर्तन है जा माया है 
प्यार अगर दिल में हो असल आकर्षण वोही 
शरीर को जो आकर्शित करे वोह सरमाया है 
चार पल पास बैठ कर बात ही कर लेते 
दिल तो तेरे प्यार का त्रिहाया (प्यासा ) है 
लिखना बहुत अवश्य था इस गीत को 
बाजार में हिट नहीं होगा पता है मुझे 
यह किसी मशहूर हस्ती ने नहीं 
मेरे दिल ने गाया है 
चलो छोडो इस को पड़ कर मुसकुरा  देना 
तेरी दी हुयी मुस्कुराहटें अभी बहुत बकाया (Remaining ) है
झल्ला है अमरीक जो छोड़ कमाई को 
ऐसे ही पंनो पर पैन घिसाया है 
  - अमरीक बिरहडा
देखो कैसा ज़माना आया है 
प्यार दी इक्क बूँद को तरसाया है 
प्यार आतमा  का गहना होता है 
शरीर सूंदर है पर प्यार बिन मुरझाया है 
योगदान शरीर का अवश्य है प्यार परगट करने में 
परन्तु प्यार बिना शरीर सिर्फ बर्तन है जा माया है 
प्यार अगर दिल में हो असल आकर्षण वोही 
शरीर को जो आकर्शित करे वोह सरमाया है 
चार पल पास बैठ कर बात ही कर लेते 
दिल तो तेरे प्यार का त्रिहाया (प्यासा ) है 
लिखना बहुत अवश्य था इस गीत को 
बाजार में हिट नहीं होगा पता है मुझे 
यह किसी मशहूर हस्ती ने नहीं 
मेरे दिल ने गाया है 
चलो छोडो इस को पड़ कर मुसकुरा  देना 
तेरी दी हुयी मुस्कुराहटें अभी बहुत बकाया (Remaining ) है
झल्ला है अमरीक जो छोड़ कमाई को 
ऐसे ही पंनो पर पैन घिसाया है 
  - अमरीक बिरहडा
 ਰਾਮਕਲੀ ਮਹਲਾ 5
 ਪਵਨੈ  ਮਹਿ ਪਵਨੁ  ਸਮਾਇਆ।।
 ਜੋਤੀ  ਮਹਿ  ਜੋਤਿ ਰਲਿ  ਜਾਇਆ।।
 ਮਾਟੀ  ਮਾਟੀ  ਹੋਈ  ਏਕੁ ।।
 ਰੋਵਨਹਾਰੇ ਕੀ  ਕਵਨ  ਟੇਕ ।।
   
They took me to the window of the room
They show me two girls and asked who is beautiful.
I looked at them both were smiling 
I said both of them are are beautiful
Then they add a bit more information
what if you have to marry with one of them
I said I can not decide 
until we spend some time together
She can see how I treat other people
and I can see how she treat other people.
They said no you are not allowed to meet or talk to them

I told them that I switched so many jobs
In this case this is about a person
A lifetime commitment and I can not try and leave 
I told them forget about the marriage 
Just let me enjoy my life in this closed room
and they should focus on their business.
 जनाब तिड़का  हुआ  ही  सही आईना हूँ 
 आईना तिड़का  हुआ  भी  हो  तो  भी  सच  ही बोलता  है 
  अगर  आप  अच्छे  हो  तो अच्छा  ही  हूँ 
   अगर  आप  बुरे  हो  सामने  भी  बुरा  ही  पाओगे 
आईना  हूँ  जनाब 
 चाहो  तो मामा कन्स  को  परगट  कर  लो 
 चाहो  तो  भगत प्रहलाद  को  परगट  कर  लो 
  परन्तु  यह  आप  का  चुनाव  ही  तो  है 
  लोग  मुझे  इलज़ाम  देते हैं  दो  चेहरे  हैं  इसके 
 अरे  सधारण  सी   तो बात  है 
 आप मुसकुराते  हो  तो मैं  भी  मुस्कुरा  देता हूँ 
  आप  घूरते  हो  सामने  से  घूरता  हूँ। 
 जनाब आईना  हूँ तिड़का  हुआ  ही  सही 
 पर  चेहरा  आप  का  ही  दिखता  हूँ 
      अमरीक बिरहड़ा 
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